जो करेगा जात की बात, उसको कसके मारूंगा लात” – नागपुर में ऐसा क्यों बोले नितिन गडकरी?

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नागपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम के दौरान जातिवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “जो करेगा जात की बात, उसको कसके मारूंगा लात।” उनका यह बयान समाज में जातिवाद को खत्म करने और समरसता को बढ़ावा देने के संदर्भ में आया।

गडकरी ने क्यों दिया ऐसा बयान?

नागपुर में एक दीक्षांत समारोह में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि समाज में जात-पात और भेदभाव को खत्म करना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जातिवादी मानसिकता से देश और समाज का विकास रुकता है

उन्होंने कहा, “हमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई के साथ-साथ किसी भी जाति के भेदभाव से ऊपर उठना होगा। जब तक हम जातिवाद से बाहर नहीं आएंगे, तब तक समाज आगे नहीं बढ़ सकता।”

शिक्षा और विकास पर दिया जोर

गडकरी ने अपने भाषण में शिक्षा और तकनीकी विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के लोगों को शिक्षा और हुनर के माध्यम से अपनी पहचान बनानी चाहिए, न कि जातिगत आधार पर।

राजनीतिक हलकों में हलचल

गडकरी के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जहां कुछ लोगों ने इसे सकारात्मक बताया, वहीं कुछ ने इसे विवादित बयान करार दिया। हालांकि, गडकरी हमेशा से जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ खुलकर बोलते रहे हैं।

गडकरी का स्पष्ट संदेश

गडकरी के इस बयान का मुख्य संदेश यही है कि देश को आगे ले जाने के लिए जात-पात से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जातिगत भेदभाव से दूर रहें और अपने भविष्य के निर्माण पर ध्यान दें।

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