संभल: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर जिलों और शहरों के नाम बदलने की चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चंदौसी विधायक गुलाब देवी ने हाल ही में बयान दिया कि संभल का नाम बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में ऐसा होता है, तो लोगों को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।संभल का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्वगुलाब देवी ने अपने बयान में कहा कि संभल एक पौराणिक स्थान है और यह 68 तीर्थों और 19 कूपों (प्राचीन जल स्रोतों) का क्षेत्र है। इसके अलावा, हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, संभल भगवान विष्णु के दसवें अवतार ‘कल्कि’ के जन्म स्थान के रूप में प्रसिद्ध है। इसी आधार पर उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में नाम परिवर्तन संभव है।
पहले भी उठ चुकी है नाम बदलने की मांग
यह पहली बार नहीं है जब संभल का नाम बदलने की चर्चा हुई हो। 2021 में भी मंत्री गुलाब देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर संभल का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था। उस समय उन्होंने जिले का नाम ‘पृथ्वीराज नगर’ रखने की मांग की थी, क्योंकि यह क्षेत्र कभी राजा पृथ्वीराज चौहान की राजधानी भी रहा था।
सरकार कर सकती है विचार?
उत्तर प्रदेश में पहले भी कई शहरों और जिलों के नाम बदले गए हैं, जैसे इलाहाबाद का प्रयागराज, फैजाबाद का अयोध्या और मुगलसराय का दीनदयाल उपाध्याय नगर। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि योगी सरकार संभल के नाम परिवर्तन पर भी विचार कर सकती है।
विपक्ष का विरोध संभव
हालांकि, हर बार की तरह विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेर सकते हैं। इससे पहले भी नाम बदलने के फैसलों को लेकर राजनीतिक विवाद होते रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और क्या सच में संभल का नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू होगी या यह सिर्फ चर्चा तक सीमित रहेगा।