न्यूरिया।इबादत व मगफिरत का त्यौहार शब-ए-बारात इस्लामी कैलेंडर के अनुसार शाबान महीना की 14 वी और 15 वी तारीख की रात को मनाया जाता है।

कस्बा न्यूरिया मे शब-ए-बारात त्यौहार को लेकर मस्जिद के साथ साथ कवरस्तान मे विशेष तैयारी की गई।मस्जिदों के अलाबा मोहल्ला तिगड़ी खेड़ा के कवरस्तान मे रौशनी के बिशेष इंतजाम किए गए।

इस दिन मस्जिदों मे आम दिनों के मुकावले नमाजियो की संख्या कहीं ज्यादा देखी गई और उनकी पूरी रात इवादत मे गुजरी उल्लेमा पूरी रात इबादत में मशगूल रहे।

मोहल्ला तिगड़ी की गौशियाँ मस्जिद के इमाम मौलाना अब्दुल कय्यूम ने बताया शब-ए-बारात का इस्लाम धर्म में खास महत्व है. इसे मगफिरत की रात कहा जाता है. माना जाता है कि शब-ए-बारात की रात की गई इबादत को अल्लाह कबूल करता हैं और सारे गुनाह माफ कर देता हैं।इस दौरान नमाजी नमाज के बाद अपने अपने कवरस्तान मे पहुँचे।दूसरे दिन सोमवार को सबाबी रोजा रखा गया।