22 दिन से लापता न्यूरिया के बालक को चाइल्डलाइन टीम ने मिनटों में परिवार से मिलवाया।

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पीलीभीत-न्यूरिया।न्यूरिया के गुमशुदा वालक का वाइस दिन बाद चला पता,ट्रेन के माध्यम से वालक पहुचा हल्द्वानी, चाइल्डलाइन की टीम ने परिजनों से मिलवाया।
चाइल्डलाइन जनपद प्रभारी निर्वान सिंह ने बताया कि कस्बा न्यूरिया के मोहल्ला खववापुर निवासी एक व्यक्ति का 12 वर्षीय पुत्र 22 दिन पूर्व अचानक घर से लापता हो गया था।बालक के माता पिता ने बालक की काफी तलाश की परंतु वह नहीं मिला इस संबंध में थाना न्यूरिया में बालक की गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई। काफी प्रयास करने के बावजूद भी माता-पिता को बालक की लोकेशन का पता नहीं चला परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल था परंतु अचानक मंगलवार को बालक ट्रेन के माध्यम से हल्द्वानी पहुंचा। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर पहले से मौजूद चाइल्डलाइन की समन्वयक संगीता शेखर वहां पर अपनी टीम के साथ भ्रमण कर रही थी। उनकी नजर उस बालक पर पड़ी, उन्होंने देखा कि बालक अकेला है उसके साथ कोई भी परिजन नहीं है। वह तत्काल बालक को अपने सेंटर ले गई और बालक से काउंसलिंग की तो बालक ने अपना नाम शहवान तो माता का परवीन और पिता का नाम सरफराज बताया बाकी वह कुछ भी न बता पाया। हल्द्वानी रेलवे चाइल्डलाइन समन्वयक ने जनपद पीलीभीत के चाइल्डलाइन जनपद प्रभारी निर्वान सिंह से उक्त मामले में जानकारी साझा की। मामले की जानकारी मिलते ही प्रभारी चाइल्डलाइन ने सक्रियता दिखाते हुए तत्काल न्यूरिया के समाजसेवी मोहम्मद तहसीन को मामले की जानकारी दी तो तहसीन ने उन्हें बताया उनके कस्वे का एक बालक बीस वाइस दिन से लापता है कही यह बालक वही तो नही तत्काल तहसीन ने परिवार वालों से संपर्क कर नाम पता कन्फर्म कराया। नाम पता कन्फर्म होने के पश्चात थाना न्यूरिया प्रभारी उदयवीर सिंह को जानकारी से अवगत कराया गया, तो उन्होंने भी बताया कि उक्त बालक के सम्वन्ध में गुमशुदगी दर्ज है वह वालक लगभग 20 दिन से लापता है।वालक के मिलने की खुशी के बीच बालक के परिजन बालक को लेने के लिए हल्द्वानी पहुच गए। हल्द्वानी में बाल कल्याण समिति द्वारा जांच पड़ताल कर बालक को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। आपको बताते चलें कि जनपद पीलीभीत में चाइल्ड हेल्पलाइन जनपद प्रभारी निर्वान सिंह के कुशल नेतृत्व बच्चों की मदद के लिए 24 घंटे आशा की किरण बनकर तैयार रहती है।