न्यूरिया-पीलीभीत 06/03/2025-कस्बा न्यूरिया स्थित एक वारात घर में गुरुवार को जौहर की नमाज के बाद मरहूम हाजी जमील अहमद की चालीसवे की फातिहा के अवसर पर एक विशेष जलसा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मरहूम के छोटे भाई मौलाना अब्दुल हमीद नूरी द्वारा किया गया।जलसे में विशेष रूप से आए अल्लामा मौलाना सय्यद अहसन मियां ने तकरीर करते हुए कहा कि इंसान को हमेशा नेक आमाल रखने चाहिए और दुनियावी तालीमात के साथ साथ दिनी तालीम भी जरूरी है। उन्होंने मरहूम हाजी जमील अहमद की समाज और दीन के प्रति की गई सेवाओं को याद किया और कहा कि वे एक नेक दिल इंसान थे और उन्होंने समाज में भलाई का संदेश फैलाया।इस मौके पर मौलाना अब्दुल हमीद नूरी ने अपनी तकरीर में कुरान में मौजूद ऐतिहासिक और जैविक विज्ञान से जुड़ी बातों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कुरान सिर्फ धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि विज्ञान और इतिहास की रोशनी से भी भरपूर है। इसमें कई ऐसी बातें हैं, जिन्हें आज का आधुनिक विज्ञान भी मान्यता देता है।

आखिर में मरहूम की मगफिरत और बख्शिश के लिए विशेष दुआ की गई। जलसे का समापन सलातो सलाम और दुआए खैर के साथ हुआ।इस मौके पर मौलाना अब्दुल हमीद नूरी, शायर सलीम रजा, मौलाना शवान मिस्वाही, मौलाना शकील अहमद, मुजीब ठेकेदार, आतिफ़ मुख़्तार, मो अहमद, सिराजुल हक, मो उमर, कमाल अहमद, शरफुद्दीन नूरी, तालिब हुसैन, मुस्तफ़ा रजा, जावेद रजा, मोहम्मद कमर समेत सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
