लखनऊ। यूपी के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार द्वारा घोषित 2425 रुपए प्रति कुंतल गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लागू कर दिया गया है। इससे पहले प्रदेश में गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 रुपए प्रति कुंतल था, जिसे अब 150 रुपए प्रति कुंतल बढ़ा दिया गया है।17 मार्च से शुरू होगी गेहूं की खरीदराज्य सरकार ने घोषणा की है कि 17 मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होगी। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार मंडियों और खरीद केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं कर रही है।किसानों को मिलेगा फायदासमर्थन मूल्य में वृद्धि से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। गेहूं उत्पादन में अग्रणी राज्य उत्तर प्रदेश में यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने में मददगार साबित होगा।खरीद प्रक्रिया और पंजीकरणसरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर पंजीकरण कराएं और अपनी उपज तय मानकों के अनुसार खरीद केंद्रों पर लेकर जाएं। खरीद केंद्रों की सूची और पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए किसान प्रदेश की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की वेबसाइट या नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।सरकार का किसानों को आश्वासनराज्य सरकार का कहना है कि गेहूं की खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जाएगा, ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। सरकार ने खरीद केंद्रों पर सभी जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।किसानों के लिए क्या करें?पंजीकरण जल्द कराएं ताकि समय पर गेहूं की बिक्री कर सकें।तय मानकों के अनुसार गेहूं तैयार करें ताकि किसी भी प्रकार की कटौती न हो।निकटतम सरकारी खरीद केंद्र की जानकारी लें और अपनी उपज वहां लेकर जाएं।भुगतान की प्रक्रिया पर नजर रखें और समय पर भुगतान प्राप्त करें।निष्कर्षउत्तर प्रदेश में गेहूं के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी किसानों के लिए राहत भरी खबर है। बढ़े हुए दामों से उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर मूल्य मिलेगा। 17 मार्च से शुरू हो रही खरीद प्रक्रिया में भाग लेने के लिए किसान समय पर पंजीकरण कराकर इसका लाभ उठा सकते हैं।